हनुमान जयंती कब है – हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है?

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हनुमान जयंती कब है?

हिन्दू धर्म के प्रमुख त्यौहारों में से एक है हनुमान जयंती. हनुमान जयंती भगवान हनुमानजी के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है. आइए जानते हैं कि इस बार हनुमान जयंती कब है और हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है?

हनुमान जयंती कब मनाई जाती है? – Hanuman Jayanti Kab Manai Jati Hai?

रामभक्त हनुमानजी को भगवान शिव का 11वां रूद्र अवतार और कलयुग का देवता माना जाता है. हनुमानजी सूर्यपुत्र और भगवान शिव के अंशावतार कहे जाते हैं.

शास्त्रों के अनुसार पवनपुत्र हनुमान का जन्म चैत्र माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हुआ था लेकिन हिन्दू पंचांग के अनुसार हनुमान जयंती प्रत्येक वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है.

हनुमान जयंती कब है 2021? – Hanuman Jayanti Kab Hai 2021

इस साल 2021 में हनुमान जयंती 27 अप्रैल को पूर्णिमा तिथि में दिन मंगलवार को मनाई जाएगी. मंगलवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है और इस साल हनुमान जयंती मंगलवार के ही दिन पड़ रही है इसलिए इस दिन का महत्त्व और भी अधिक बढ़ जाता है.

हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है? – Hanuman Jayanti Kyon Manai Jati Hai?

ऐसा माना जाता है कि इस दिन हनुमानजी ने वानर जाति में वानरराज केसरी और माता अंजनी के घर में जन्म लिया था. इसी कारण उन्हें आंजनाय तथा केसरीनंदन भी कहा जाता है और हनुमानजी के जन्मोत्सव को हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है.

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हनुमान जयंती कैसे मनाई जाती है? – Hanuman Jayanti Kaise Manai Jati Hai?

Lord Hanuman - हनुमान जयंती

इस दिन हनुमानजी के भक्त विधि-विधान से हनुमानजी की पूजा-अर्चना करते हैं, हनुमान जयंती का व्रत रखते हैं और हनुमान मंदिर मे दर्शन के लिए जाते हैं. जगह-जगह भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाती हैं.

घरों एवं मंदिरों में हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदरकाण्ड, रामायण एवं रामचरितमानस का पाठ किया जाता है. हनुमानजी प्रभु श्री रामजी के अनन्य भक्त हैं इसलिए श्री राम की पूजा के बिना हनुमानजी की पूजा भी अधूरी मानी जाती है.

अतः, हनुमानजी की पूजा अर्चना के साथ-साथ भगवान श्री राम की आराधना भी अवश्य की जाती है. सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान श्री राम, माता सीता व श्री हनुमानजी का स्मरण करके व्रत का संकल्प लिया जाता है.

कहा जाता है कि एक बार अपने आराध्य श्री राम की लम्बी उम्र के लिए रामभक्त हनुमानजी ने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर चढ़ा लिया था इसलिए आज भी हनुमानजी को चोला, सिंदूर, चांदी का वर्क, मिठाई और सुगंधित फूल चढ़ाए जाने की परंपरा है. क्योंकि हनुमानजी बाल ब्रह्मचारी थे इसलिए इन्हें जनेऊ भी चढ़ाया जाता है.

हनुमान जयंती का महत्व – Hanuman Jayanti Ka Mahatv 

हनुमान जयंती का दिन हिन्दू धर्म में बहुत महत्त्व रखता है. शास्त्रों के अनुसार, हनुमानजी को चिरंजीवी अर्थात् अमर होने का वरदान प्राप्त है अतः वें आज भी इस धरती पर वास करते हैं.

प्रतिदिन हनुमानजी की पूजा-आराधना करने वाले व्यक्ति को जीवन में संकटों से मुक्ति एवं मन की शांति प्राप्त होती है. इसलिए हनुमानजी को संकटमोचन भी कहा जाता है. इनकी नित्य आराधना करने से व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा, भूत-प्रेत, बाधा एवं भय आदि से पूर्णतः मुक्ति मिल जाती है.

सभी पाठकगणों को हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं.