हार्ट अटैक आने से पहले के संकेत – Symptoms of Heart Attack

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हार्ट अटैक आने से पहले के संकेत - Symptoms of Heart Attack

हार्ट अटैक यूँ तो अचानक से आता है लेकिन कभी-कभी आने से पहले ही यह आपके शरीर को कुछ संकेत दे देता है जिससे पता चल सकता है कि आप हार्ट अटैक के शिकार हुए हैं या नहीं. यदि समय रहते आप हार्ट अटैक आने से पहले के संकेत समझ गये तो ये संभावना रहती है कि मरीज़ की जान बचाई जा सके.

हार्ट अटैक (Heart Attack) एक ऐसी ख़तरनाक बीमारी है जिसके मरीज़ों की संख्या हमारे देश में हर साल बढ़ती ही जा रही है. भारत में हर वर्ष 13-14% लोग दिल की बीमारी से पीड़ित होते हैं और इनमें से लगभग 8% लोग हार्ट अटैक आने के एक महीने के अंदर-अंदर मौत के मुंह में समा जाते हैं.

ख़राब लाइफस्टाइल, बिगड़ते खानपान, अनियमित दिनचर्या, गलत आदतें और मानसिक तनाव की वजह से दिल से जुड़ी बीमारियों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. लेकिन इस बीमारी को जानलेवा होने से रोकने के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि आप इसके संकेतों को समझने की कोशिश करें.

आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे हार्ट अटैक आने से पहले के संकेत के विषय में. एक स्वस्थ व्यक्ति को भी अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना बेहद ज़रूरी है और प्रत्येक व्यक्ति को इस बात की जानकारी ज़रूर रखनी चाहिए कि हार्ट अटैक से पहले व्यक्ति का शरीर उसे कैसे संकेत देता है, ताकि समय रहते इसके लक्षणों को पहचानने में मदद मिल सके और समय पर मरीज़ को अस्पताल पहुंचाकर उसका उचित इलाज करके उसकी जान बचाई जा सके. इसलिए आज का ये आर्टिकल आपके लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हो सकता है.

हार्ट अटैक आने से पहले के संकेत

सीने में दर्द और बेचैनी

हार्ट अटैक का प्रमुख संकेत है सीने में तेज दर्द होना. अधिकतर केस में हार्ट अटैक आने से पहले पीड़ित को सीने में दर्द, पसीना और बेचैनी की समस्या होती है. इस दौरान हृदय के बाएं तरफ बहुत अधिक भारीपन और दर्द महसूस होता है.

सीने का यह दर्द धीरे-धीरे शुरू होकर अचानक से तेज होने लगता है. अधिकतर लोग इस दर्द को एसिडिटी या फिर गैस का दर्द समझकर नज़रअंदाज़ करने की गलती कर बैठते हैं और बाद में उन्हें पछताना पड़ता है. यदि किसी को ऐसी दिक्कत हो तो बिना वक़्त गंवाए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

इस बात का भी ख़ास ख़याल रखें कि हार्ट अटैक आने पर हर व्यक्ति को सीने में दर्द की शिकायत ही हो यह ज़रूरी नहीं है लेकिन, अगर सीने में जकड़न महसूस हो रही है, तेज पसीना आ रहा है और सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो फिर आपको सावधान हो जाने की ज़रुरत है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर को दिखाने में बिल्कुल भी देरी न करें.

कमज़ोरी और चक्कर आना

हार्ट अटैक आने से पहले व्यक्ति को कमज़ोरी महसूस होना और चक्कर आने की समस्या हो सकती है या फिर जबड़े, गर्दन और पीठ में एक साथ दर्द की भी शिकायत हो सकती है. अकारण ही बहुत ज्यादा थकान महसूस करना, जी मचलाना और उल्टी हो जाना भी हार्ट अटैक से पहले दिखने वाले लक्षण हो सकते हैं.

पसीना आना और बेचैनी महसूस होना

हार्ट अटैक से पहले व्यक्ति के शरीर में बहुत अधिक पसीना आता है. बिना किसी फिज़िकल एक्सरसाइज़ और वर्कआउट के या कुछ काम किये बिना ही शरीर में ज़रुरत से ज्यादा पसीना आने लगता है और इसके साथ ही घबराहट, घुटन और बेचैनी भी महसूस होती है.

सांस लेने में दिक्कत होना

हार्ट अटैक आने से पहले व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और उसे सांस लेते समय सीने में दर्द, भारीपन सा महसूस होने लगता है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए.

किसे अधिक है दिल की बीमारी का ख़तरा?

दिल की बीमारी का ख़तरा किन लोगों को सबसे अधिक हो सकता है इस बात का पता लगाने के लिए डॉक्टर्स ने 6 मानक तय किये हैं जिनका पता आपको भी होना ज़रूरी है:

  • मौजूदा समय में 30 से 50 वर्ष की आयु वर्ग वाले लोगों को हार्ट अटैक का ख़तरा सबसे अधिक रहता है.
  • आपके हृदय का स्वास्थ्य इस बात पर निर्भर करता है कि आपका systolic blood pressure यानि ऊपर का ब्लड प्रेशर कितना है. यदि औसतन आपका ब्लड प्रेशर 135 या 140 से ज्यादा रहता है तो आपको दिल की बीमारी का ख़तरा अधिक हो सकता है.
  • यदि आपको स्मोकिंग की लत है तो आपको दिल की बीमारी का ख़तरा अधिक रहेगा.
  • यदि आप डाइबिटिक हैं यानि यदि आप शुगर के मरीज़ हैं और आपका शुगर का लेवल सामान्य से बहुत अधिक बढ़ा हुआ है तो भी आपको अपने ऊपर ज्यादा ध्यान देने की ज़रुरत है.
  • यदि आप कोलेस्ट्रोल के शिकार हैं तो यह आपके दिल पर बुरा असर डाल सकता है. आपका बैड कोलेस्ट्रोल जितना ज्यादा बढ़ेगा, हार्ट की बीमारी का ख़तरा भी उतना ही अधिक होगा. इसके साथ ही आपके शरीर में ट्रांस फैट की अत्यधिक मात्रा का होना भी आपके हृदय के लिए बेहद हानिकारक है. आपके शरीर में ट्रांस फैट का बढ़ना भी हार्ट अटैक का एक कारण बन सकता है.
  • आप तनाव कितना लेते हैं, इसका सीधा और सबसे अधिक असर आपके हृदय पर पड़ता है. आपके तनाव का स्तर जितना अधिक होगा, आपकी जान को ख़तरा भी उतना ही बड़ा होगा. इसलिए यदि आपका दिल खुश रहेगा तो निश्चित रूप से आपका स्वास्थ्य भी सही रहेगा.

हार्टअटैक आने के बाद शुरू के एक घंटे को डॉक्टर golden hour कहते हैं क्योंकि, हार्ट अटैक आने के एक घंटे के अंदर-अंदर यदि मरीज़ को अस्पताल में तुरंत इलाज़ मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना बढ़ जाती है.

इसलिए यदि आपको किसी व्यक्ति में हार्ट अटैक के संकेत नज़र आएं तो उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं और मरीज़ का उचित इलाज करवाएं.

आशा करते हैं कि इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपके लिए लाभप्रद साबित होगी और आप अपनी हेल्थ के प्रति जागरूक रहेंगे. हार्ट अटैक को रोक पाना किसी के लिए भी मुश्किल है लेकिन यदि आप पहले से ही हार्ट अटैक के संकेतों या लक्षणों को समझ पाएं तो आपको किसी की जान बचाने का मौका मिल सकता है.