हार्ट अटैक आने पर क्या करें?

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हार्ट अटैक आने पर क्या करें?

हार्ट अटैक ऐसी स्थिति है जिसका यदि तुरंत इलाज न किया जाए तो मरीज की जान भी जा सकती है. इसलिए यदि आप पहले से ही सचेत रहें तो स्थिति को संभाला जा सकता है. आज इस पोस्ट में हम जानेंगे कि हार्ट अटैक आने पर क्या करें?

हार्ट अटैक का निदान करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले कुछ टेस्ट करते हैं जिनके द्वारा आपके हृदय की स्थिति का पता लगाया जाता है.

इलेक्ट्रो कार्डियोग्राम (ECG)- सबसे पहले ECG किया जाता है. यह टेस्ट दिल की विद्युतीय गतिविधियों की जांच करता है, इसके माध्यम से ये पता चलता है कि मरीज़ को पहले भी कभी हार्ट अटैक आया था या नहीं या भविष्य में आने वाला है.

ब्लड टेस्ट- ब्लड टेस्ट से डॉक्टर यह पता लगाते हैं कि मरीज के ब्लड में एंजाइम फैल गए हैं या नहीं.   

हार्ट अटैक का इलाज

हार्ट अटैक के उपचार के लिए नीचे दी गई कुछ ज़रूरी सर्जरी की जाती हैं-

  1. बाईपास सर्जरी- यदि हृदय के अवरुद्ध भाग में रक्त का प्रवाह रुक गया है तो उसकी आपूर्ति के लिए बाईपास सर्जरी की जाती है.
  2. एंजियोप्लास्टी– इसमें ब्लॉकेज वाले पदार्थ को हटाकर अवरुद्ध धमनी को खोल दिया जाता है.
  3. स्टेंट डालना- एंजियोप्लास्टी हो जाने के बाद धमनी को खुला रखने के लिए स्टेंट या एक प्रकार की ट्यूब को अवरुद्ध भाग में डाला जाता है.
  4. हार्ट वाल्व सर्जरी- जिस वाल्व में रिसाव हो रहा होता है उस वाल्व को बदलने के लिए  सर्जरी की जाती है.
  5. पेसमेकर सर्जरी- इसके द्वारा हृदय की असामान्य धड़कनों को सामान्य किया जाता है.
  6. हार्ट ट्रांसप्लांट या हृदय प्रत्यारोपण- जब हार्ट अटैक के कारण हृदय के सभी उत्तक नष्ट हो जाते हैं तब यह सर्जरी की जाती है.

हार्ट अटैक आने पर क्या करें?

हार्ट अटैक आने पर अधिकतर मरीजों की तुरंत ही मृत्यु हो जाती है इसका कारण यह है कि हॉस्पिटल पहुँचने से पहले मरीज को तुरंत प्राथमिक उपचार नहीं मिल पाता है.यदि हार्ट अटैक आने पर मरीज होश में है तो उसे तुरंत ही 300 mg की एस्प्रिन की गोली दी जा सकती है क्योंकि यह खून को पतला करती है. गोली देने के तुरंत बाद ही मरीज को हॉस्पिटल लेकर जाएं.

हार्ट अटैक आने पर यदि मरीज बेहोश हो गया है तो हॉस्पिटल पहुँचाने से पहले उसे तुरंत ही सी.पी.आर (C.P.R) यानि Cardio-Pulmonary-Resuscitation दिया जाना चाहिए. इसके लिए सबसे पहले मरीज को समतल जगह पर लेटा दें. अब अपनी एक हथेली को उसकी छाती के बीच में रखकर दूसरी हथेली को पहली हथेली के ऊपर रखें. अब तेजी से मरीज के सीने को अपने भार से जल्दी-जल्दी दबाएं. यह प्रक्रिया आपको प्रति मिनट में 100 बार दौहरानी है. साथ ही सीने को दबाते हुए बार-बार मरीज को अपने मुंह से ऑक्सीजन भी देते रहें. तुरंत सी.पी.आर देने से मरीज को गंभीर स्थिति में पहुँचने से रोका जा सकता है.

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हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या करें?

  1. हेल्दी डाइट अपनाइए– खानपान का सीधा असर आपकी हेल्थ पर पड़ता है. इसलिए हार्ट अटैक से बचने के लिए कम कोलेस्ट्रॉल वाला भोजन, बिना तला हुआ और संतुलित आहार लें.
  2. एक्सरसाइज़ करना– रेगुलर एक्सरसाइज़ करने से आपका कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है और हार्ट अटैक का ख़तरा भी कम रहता है. लेकिन हार्ट के मरीज के लिए कौन सी एक्सरसाइज़ करना सही है और कौन सी नहीं, ये जानने के लिए आपको अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लेनी चाहिए.
  3. शराब और स्मोकिंग से परहेज़ करना– किसी भी तरह की नशीली चीज़ों का सेवन करने से आपको बचना चाहिए क्योंकि स्मोकिंग और शराब का सेवन करने वाले लोगों को हार्ट अटैक आने की संभावना अधिक रहती है.
  4. वज़न कंट्रोल में रखना- सामान्य से अधिक वज़न बढ़ने की वजह से दिल से संबंधित कई सारी बीमारियां होने का ख़तरा रहता है इसलिए, इनसे बचने के लिए आपको अपना वज़न हमेंशा कंट्रोल में रखना चाहिए.
  5. शुगर, बी.पी और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखें- शुगर, बी.पी और हाई कोलेस्ट्रॉल के रोगियों की धमनियों में ब्लड का थक्का बनने की संभावना अधिक रहती है. इसलिए उन्हें हार्ट अटैक से बचने के लिए इन बीमारियों को कंट्रोल में रखना बहुत ज़रूरी है.
  6. रेगुलर हेल्थ चेकअप कराना- हेल्थ चेकअप आपके शरीर में पहले से ही मौज़ूद बीमारी का पता लगाने के साथ-साथ किसी गंभीर बीमारी के संभावित लक्षणों का पता लगाने में सहायता करता है और समय रहते उसका सही इलाज़ कराने में भी मदद करता है. इसलिए समय-समय पर अपने पूरे शरीर व हृदय का हेल्थ चेकअप ज़रूर करवाते रहें.
  7. ट्रांस फैट से बचें- भोजन में रिफाइंड ऑयल का प्रयोग करने से बचें. खाने में ऑलिव ऑयल या शुद्ध सरसों के तेल का ही प्रयोग करें.
  8. पर्याप्त नींद लें और मानसिक तनाव से दूर रहें- स्वस्थ रहने के लिए सबसे ज़रूरी है पर्याप्त नींद लेना और किसी भी तरह के मानसिक तनाव से दूरी बनाए रखना. अक्सर देखा गया है कि देर रात तक जागकर काम करने वाले नौजवान लोग भी अब हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं.

हार्ट अटैक से संबंधित सवाल-जवाब – FAQ

  1. हार्ट अटैक क्या है?

    जब दिल में खून की आपूर्ति कम हो जाती है और दिल की मांसपेशियां खराब होने लगती हैं तब व्यक्ति के दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है और व्यक्ति के सीने में तेज दर्द होता है. इस स्थिति को हार्ट अटैक कहते हैं.

  2. हार्ट अटैक क्यों आता है?

    आनुवांशिक कारण, अत्यधिक मोटापा, मानसिक तनाव, हाई शुगर, हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, गलत खानपान, शराब व धूम्रपान ये सभी कारण हैं जिनकी वजह से किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आता है.

  3. हार्ट ब्लॉकेज होने पर डॉक्टर से कब संपर्क करें?

    जब अचानक से आपको छाती या सीने के बीचों बीच दर्द होना शुरू हो और कुछ देर तक ये दर्द बना रहे. सीने में बहुत ज़ोर का दबाव महसूस हो और बेचैनी, पसीना आना, कंधे में दर्द शुरू होकर गर्दन और बाएं हाथ तक दर्द का बढ़ना ये कुछ ऐसे लक्षण हैं जो महसूस होने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

  4. हार्ट अटैक का इलाज कैसे किया जाता है?

    हार्ट अटैक को कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर कुछ दवाइयां देते हैं, हार्ट की स्थिति में गड़बड़ का पता लगाने के लिए ई.सी.जी और एंजियोग्राफी टेस्ट किया जाता है, दिल की धड़कनों को नियमित करने के लिए पेसमेकर का इस्तेमाल किया जाता है और इलाज के तौर पर एंजियोप्लास्टी की जाती है.

  5. किस मौसम में हार्ट अटैक आने की संभावना अधिक रहती है?

    वैसे तो हार्ट अटैक किसी भी मौसम में आ सकता है लेकिन फिर भी, सर्दियों के मौसम में हार्ट अटैक आने की संभावना अधिक रहती है और इसका कारण है – हवा, नमी और ठंड. अत्यधिक ठंड से आपकी रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं और रक्त गाढ़ा हो जाता है. जिसका नकारात्मक प्रभाव आपकी सेहत पर पड़ता है.

  6. हृदय से संबंधित समस्याओं के लिए हेल्थ चेकअप कब करवाना चाहिए?

    35 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति जिसे बी.पी, शुगर, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा या हृदय से संबंधित कोई भी समस्या है, ऐसे व्यक्ति को रेगुलर हेल्थ चेकअप ज़रूर करवाते रहना चाहिए ताकि आपके शरीर में उत्पन्न हो रही बीमारी का पहले ही पता लग सके.

  7. क्या हृदय रोग आनुवांशिक होते हैं?

    जी हां, हृदय रोग जेनेटिक या आनुवांशिक भी हो सकते हैं. यदि आपकी हृदय रोग से संबंधित कोई फैमिली हिस्ट्री है तो इसकी संभावना है कि आप भी इससे पीड़ित हो सकते हैं.

  8. क्या मानसिक तनाव आपके हृदय को प्रभावित करता है?

    जी हां, मानसिक तनाव आपके शरीर और आपके हृदय पर बहुत बुरा असर डालता है. बहुत अधिक तनाव लेने की वजह से श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ जाती है और ये धमनियों में जमा होने लगती है जिससे रक्त के थक्के बनने लगते हैं. हमेंशा ख़ुश रहने वाला व्यक्ति, दुखी और तनाव लेने वाले व्यक्ति से कई अधिक जीता है. यह बात बिल्कुल सत्य है कि ख़ुशी आपकी उम्र बढ़ा देती है.