प्रसव के बाद माँ की देखभाल सर्दियों में कैसे करें?

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प्रसव के बाद माँ की देखभाल सर्दियों में कैसे करें?

प्रसव के बाद माँ की देखभाल के साथ-साथ बच्चे की देखभाल की विशेष जरूरत होती है. अगर आपकी डिलीवरी सर्दियों के मौसम में हुई है और आपके बेबी की यह पहली सर्दी है तो आपको कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. क्योंकि कहते हैं कि नवजात शिशु को पहली सर्दी और पहली गर्मी से बचाना बहुत जरूरी होता है.

यदि बच्चे ने पहली सर्दी और पहली गर्मी अच्छे से बिता ली तो आगे चलकर भी उसके बीमार पड़ने की संभावना कम ही रहती है. आपके नवजात शिशु के शरीर में ठंड ना घुसे इसके लिए माँ को खुद को भी ठंड से बचाए रखना रखना बहुत ही जरूरी है.

बच्चे को जन्म देने के बाद माँ का शरीर कमजोर हो जाता है, इसलिए प्रसव के बाद माँ को कम से कम 40 दिन तक अपने बच्चे के साथ-साथ खुद की सेहत का भी ख़याल रखने की विशेष जरूरत होती है. इस वक़्त यदि आपके शरीर में ठंड बैठ गई तो इससे आपको जीवन भर परेशानी उठानी पड़ सकती है. प्रसव के बाद माँ की देखभाल में लापरवाही के कारण माँ को हमेंशा पूरे शरीर में दर्द के कारण परेशान रहना पड़ सकता हैं.

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माँ को ठंड लगने पर उसके नवजात शिशु को भी ठंड लगना स्वाभाविक है. छोटे बच्चे को सर्दी हो जाने पर वह बहुत परेशान रहता है. उसे सांस लेने में दिक्कत होती है, बच्चा सही से दूध नहीं पी पाता है और इस कारण माँ भी परेशान रहती है. इसलिए अपने साथ-साथ बच्चे को भी सर्दी, जुखाम से बचाए रखने के लिए नीचे दी गई बातों का ध्यान रखिए –

  1. सबसे पहले आपको अपना ध्यान रखने की जरूरत है. सर्दियों के मौसम में खुद को ठंड से बचाकर रखने के लिए ठंडे पानी से दूर रहें. कोशिश कीजिए कि आप पानी का सारा काम एक साथ निपटा लें और आपको बार-बार पानी में या ठंड में ना रहना पड़े. पानी का जो भी काम करना है वो गर्म पानी में ही करें.
  2. रात के समय माँ को कोई भी ऐसी ठंडी चीज नहीं खानी चाहिए जिससे बेबी को सर्दी लग जाए जैसे- चावल, मूली, मट्ठा आदि. क्योंकि यदि आपको सर्दी हो गयी और आपने बच्चे को दूध पिला लिया तो आपके बेबी को भी तुरंत सर्दी लग सकती है.
  3. सर्दियों में हर वक़्त खुद को पूरी तरह से cover करके रखें. खासकर अपने हाथ, पैर, सिर और कानों को ढककर रखें.
  4. जब भी आप नहाने जाए तो उससे पहले बच्चे को दूध जरूर पिला लें, ताकि कुछ देर तक के लिए बच्चा भूख से ना रोएं. 
  5. नहाने के बाद कम से कम आधे घंटे तक बच्चे को दूध ना पिलाएं. यदि आपने अपने सिर्फ बाल धोये हैं तो भी तुरंत से बच्चे को दूध ना पिलाएं. पहले खुद को थोड़ा warm-up कर लीजिए, बाल सुखा लीजिए, हीटर या ब्लोअर से खुद की सिकाई कर लीजिए उसके बाद ही बच्चे को फीड कराएं.
  6. कभी भी ठंडे हाथों से बच्चे को गोदी में ना लें. बच्चे को पकड़ने से पहले अपने हाथ आग या हीटर पर सेककर गर्म कर लीजिए.
  7. नई मदर को इस बात का ख़ास ध्यान रखना चाहिए कि वे अपने शरीर में पानी की कमी ना होने दें. डिलीवरी के बाद भी खूब पानी पिएं लेकिन गुनगुना पानी ही पिएं. ठंडा पानी बिल्कुल भी ना पिएं. डिलीवरी के बाद अजवाइन का पानी पीना माँ के लिए फायदेमंद होता है, इससे आपको गैस नहीं बनेगी और शरीर में गर्माहट भी बनी रहेगी.
  8. बच्चे की मालिश के साथ-साथ माँ की भी मालिश होनी बहुत जरूरी है. डिलीवरी के बाद रोज अपने शरीर पर गुनगुने सरसों के तेल से मालिश करें. सिर पर खूब तेल लगाकार सिर की मालिश भी जरूर करें. यदि आप अपनी मालिश खुद करने में सक्षम ना हो तो आप मालिश वाली लगवाकर उससे भी अपनी और अपने बच्चे की मालिश करवा सकते हैं. यदि आपकी नॉर्मल डिलीवरी हुई है तो आप आप डिलीवरी के एक हफ्ते बाद से ही अपनी मालिश करवाना शुरू कर सकते हैं लेकिन यदि आपकी सिज़ेरियन डिलीवरी हुई है तो आपको 25 से 30 दिन के बाद अपनी मालिश शुरू करवानी चाहिए.
  9. बच्चे को तपाने के साथ-साथ अपने शरीर की भी रोजाना सिकाई करें और खाली ज़मीन पर बिल्कुल ना बैठें नहीं तो ज़मीन की ठंड आपके शरीर में घुस जाएगी.
  10. डिलीवरी के बाद माँ को रोज दो वक़्त दूध पीना चाहिए. सर्दियों के मौसम में गुनगुने दूध में हल्दी डालकर पिएं.
  11. सर्दियों में डिलीवरी के बाद माँ को गर्म तासीर वाली चीजें ही खानी चाहिए. गर्म-गर्म सूप पिएं और रोज सुबह-शाम गोंद व ड्राई फ्रूट्स से बने हुए लड्डू खाएं. माँ को भोजन भी गर्म-गर्म ही खाना चाहिए, अन्यथा यदि आप खाना ठंडा हो जाने पर खायेंगी तो इससे भी आपके बच्चे को सर्दी लग सकती है.
  12. यदि आपकी सर्दियों में डिलीवरी हुई है तो रोजाना थोड़ी देर बच्चे को लेकर धूप में जरूर बैठें. विटामिन D आपके व आपके बच्चे के शरीर को बीमारियों से बचाए रखने के लिए बहुत आवश्यक है.
  13. डिलीवरी के बाद दो महिने तक टी.वी और मोबाइल पर ज्यादा वक़्त ना बिताएं, इससे आपकी आंखें दुःख सकती हैं और आँखों पर जोर पड़ने की वजह से आप सिर दर्द से परेशान रह सकती हैं.
  14. प्रसव के कुछ दिनों बाद आपके लिए चलना फिरना भी जरूरी है, इसलिए हर वक़्त सिर्फ एक ही जगह पर ना बैठे रहें. जितनी जल्दी आप खुद को एक्टिव रखेंगी उतनी ही जल्दी आपके शरीर की रिकवरी होगी.