सिजेरियन डिलीवरी के बाद देखभाल – Recovery After C Section

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सिजेरियन डिलीवरी के बाद देखभाल - Recovery After C Section

आज के इस लेख में हम आपको विस्तारपूर्वक बताएंगे कि महिला की सिजेरियन डिलीवरी के बाद देखभाल किस तरह से करनी चाहिए. डिलीवरी चाहे नॉर्मल हो या सिजेरियन इसके बाद का समय हर महिला के लिए बेहद ख़ास और बेहद महत्वपूर्ण होता है.

डिलीवरी होने के बाद बच्चे के साथ-साथ मां को भी विशेष देखभाल की सख्त ज़रुरत होती है क्योंकि मां को अपने बच्चे की भी देखभाल करनी होती है.

नॉर्मल डिलीवरी की अपेक्षा सिजेरियन डिलीवरी के बाद का समय थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है. इसलिए इस दौरान यदि महिला की प्यार से देखभाल की जाए तो वह जल्दी स्वस्थ होकर वापस से अपना सामान्य जीवन जी सकती है. सिजेरियन के बाद नॉर्मल रूटीन में वापस आने के लिए कम से कम 8 हफ़्ते का समय लग सकता है.

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सबसे पहले ये जान लेते हैं कि आखिर सिजेरियन डिलीवरी कैसे होती है?

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सिजेरियन डिलीवरी कैसे होती है? – Cesarean Delivery Kaise Hoti Hai?

सिजेरियन डिलीवरी या सी-सेक्शन डिलीवरी एक प्रकार का ऑपरेशन होता है. इसमें डिलीवरी के दौरान गर्भवती महिला के पेट और फिर गर्भाशय पर कट या चीरा लगाया जाता है, ताकि शिशु का जन्म हो सके.

सामान्यतः यह चीरा गर्भाशय के निचले हिस्से में लगाया जाता है. यह चीरा सीधा लगेगा या आढ़ा लगेगा, यह गर्भ में शिशु की पोजिशन या फिर प्लेसेंटा प्रीविया की स्थति पर निर्भर करता है.

इसके बाद शिशु को पेट से बाहर निकाला जाता है. डॉक्टर शिशु के मुंह व नाक को साफ़ करते हैं और गर्भनाल को काट देते हैं. फिर प्लेसेंटा को गर्भाशय से अलग कर देते हैं.

पेट से शिशु के बाहर आने के बाद डॉक्टर पेट व गर्भाशय को कुछ टांके लगाकर बंद कर देते हैं. समय के साथ ही टांके शरीर में घुल जाते हैं.

आइए अब जानते हैं कि महिला की सिजेरियन डिलीवरी के बाद देखभाल कैसे करें.

सिजेरियन डिलीवरी के बाद देखभाल कैसे करें? – Cesarean Delivery Ke Baad Dekhbhaal Kaise Karein?

भावनात्मक रूप से मजबूत बनें

सी-सेक्शन किसी भी महिला की होने वाली सबसे बड़ी सर्जरी होती है. इसके बाद महिला को थोड़ा दर्द से गुज़रना पड़ता है. इस कारण महिला मानसिक रूप से भी कमज़ोर हो सकती है.

इसलिए इस वक़्त बच्चे के पिता और परिवार के सभी सदस्यों की भी यह ज़िम्मेदारी बनती है कि वे सभी भावनात्मक रूप से महिला का साथ दें और दर्द से उबरने में उसका सहयोग करें और साथ ही बच्चे को जन्म देने वाली मां भी खुद को मजबूत बनाकर यह विश्वास रखे कि वह जल्द से जल्द ठीक हो जाएगी.

साफ़-सफ़ाई का विशेष ध्यान रखें

सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला को जल्दी ठीक होने के लिए साफ़-सफाई का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है. ऑपरेशन के बाद महिला को सामान्य पीरियड्स से अधिक ब्लीडिंग हो सकती है. इसलिए जितनी बार भी आप वॉशरूम जाएं, मेटरनिटी पैड को ज़रूर बदलें. पैड बदलने से पहले और इसके बाद भी अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं.

टांकों के आस-पास के एरिया को भी अच्छी तरह से साफ़ रखें वरना टांकों में इन्फेक्शन हो सकता है. यदि आप साफ़-सफाई का पूरा ध्यान रखेंगे तो आपको इन्फेक्शन नहीं होगा.

चलना-फिरना व टहलना जारी रखें

सिजेरियन डिलीवरी के बाद थका देने वाले कार्य न करें. लेकिन जितना संभव हो धीरे-धीरे टहलना शुरू करें. घूमने या टहलने से पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और आपका शरीर जल्दी ठीक होता है.

सिजेरियन डिलीवरी के बाद रिकवरी जल्दी करने के लिए ऑपरेशन के 5-6 दिन बाद से नियमित रूप से वॉक पर जाएं.

पोषण से भरपूर डाइट लें

प्रेगनेंसी ही नहीं बल्कि उसके बाद भी आपको सही डाइट को अपनाना चाहिए. सिजेरियन के बाद हीलिंग के लिए और शरीर की कमजोरी को दूर करने के लिए पोषण से भरपूर डाइट को फॉलो करना बहुत ज़रूरी है. कब्ज व गैस की समस्या न हो इसके लिए घर का बना हुआ ताजा और हल्का एवं फाइबरयुक्त भोजन करें.

शुरू-शुरू में लिक्विड फॉर्म में ही भोजन लें ताकि इसे पचाने में आपको आसानी हो और इसे खाने से आपकी आंतों पर बिल्कुल भी जोर न पड़े. इसके लिए आप कम नमक वाली पतली-पतली मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, ओट्स, अंडा, दूध,दही आदि ले सकते हैं.

खुद को हाईड्रेट रखें

डिलीवरी के बाद गैस और कब्ज की समस्या से बचने के लिए खुद को हाईड्रेट रखना बहुत ज़रूरी है. आपको रोज़ाना दिन में कम से कम 10 से 12 गिलास पानी पीना चाहिए. यदि आपको कब्ज नहीं होगी तो आपके पेट पर ज़ोर नहीं पड़ेगा और घाव जल्दी ठीक होगा.

ब्रेस्टफीडिंग करवाती रहें

ब्रेस्टफीडिंग यानि स्तनपान करवाना सिर्फ़ बच्चे के लिए ही नहीं बल्कि मां की सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. यह आप दोनों की ही सेहत पर सकारात्मक प्रभाव डालता है. इसलिए ब्रेस्टफीडिंग करवाना न छोड़ें.

सिजेरियन डिलीवरी के कारण शिशु को स्तनपान करवाने में आपको थोड़ी परेशानी हो सकती है ऐसे में आप किसी की हेल्प ले सकती हैं. ब्रेस्टफीडिंग करवाते वक़्त तकिए का सपोर्ट लेने से आपके टांकों में दबाव नहीं पड़ेगा.

डॉक्टर द्वारा दी गई दवा नियमित लेती रहें

सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला के घावों को भरने के लिए और दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर कई दर्द निवारक दवाएं देते हैं. इन दवाओं को नियमित समय पर लेती रहें. दवा समय पर लेने में लापरवाही बिल्कुल न करें.

तनाव से रहें दूर

डिलीवरी के बाद महिला को अपने साथ-साथ अपने नवजात शिशु का भी ध्यान रखना होता है और इसके लिए महिला को कई बार रात-रात जागना भी पड़ सकता है. जिस वजह से कुछ महिलाएं बहुत अधिक तनाव ले लेती हैं. जिससे महिला के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है.

अतः, महिला की सिजेरियन डिलीवरी के बाद देखभाल और जल्दी रिकवरी के लिए ये ज़रूरी है कि वह किसी भी तरह के मानसिक तनाव से दूर रहे और अपने बच्चे के साथ ख़ुश रहे और मातृत्व के सुख का आनंद ले.

सिजेरियन डिलीवरी के बाद देखभाल से संबंधित सवाल-जवाब

  1. सिजेरियन डिलीवरी के बाद क्या-क्या न करें?

    . ज्यादा नमक, मिर्च व मसालेदार भोजन न खाएं
    . ज्यादा सीढ़ियां न चढ़ें
    . ज्यादा भारी वजन न उठाएं, भारी काम न करें और पेट पर ज़ोर न डालें
    . ज्यादा देर तक न नहाएं
    . टांकों को गीला न होने दें
    . डॉक्टर से पूछे बिना खुद से एक्सरसाइज़ करने का फ़ैसला न करें

  2. सिजेरियन डिलीवरी के बाद रिकवर होने में कितना समय लगता है?

    सिजेरियन डिलीवरी के बाद शरीर को रिकवर होने में कम से कम 40 दिन का समय लगता है.

  3. सिजेरियन डिलीवरी के बाद कितने दिन आराम करना चाहिए?

    सिजेरियन डिलीवरी के बाद पहले एक हफ़्ते तक आराम करें और उसके बाद थोड़ा-थोड़ा वॉक करना शुरू करें.

  4. क्या सिजेरियन डिलीवरी में दर्द होता है?

    नहीं, ऑपरेशन के दौरान गर्भवती को एनस्थीसिया देने के कारण दर्द का एहसास नहीं होता है लेकिन डिलीवरी हो जाने के बाद जब एनस्थीसिया का असर कम होने लगता है, तब महिला को टांकों में दर्द होने लगता है, जिसके लिए डॉक्टर आपको दर्द निवारक दवा देते हैं. अपनी मर्ज़ी से किसी भी पेनकिलर का सेवन न करें.

  5. सिजेरियन डिलीवरी के बाद कब्ज होने पर क्या करें?

    कब्ज की समस्या से बचने के लिए फाइबरयुक्त भोजन करें, ताजे फलों का जूस पिएं और खूब पानी पिएं. अपने शरीर को हमेंशा हाईड्रेट रखें.